April 15, 2020

म्यूचुअल फंड निवेश – हस्तांतरण प्रक्रिया और पद्धति

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मृतक की मृत्यु के बाद पारस्परिक निधि (म्यूचुअल फंड) निवेश की हस्तांतरण प्रक्रिया

पारस्परिक निधि क्या होती है ?

जब समान निवेश उद्देश्यों के साथ लोगों का समूह या कई संभावित निवेशक हाथ मिलाते हैं और निवेश करने के उद्देश्य से धन इकट्ठा करते हैं; इस तरह से एकत्रित किए गए धन के कुल जोड़ को पारस्परिक निधि कहा जा सकता है।

इस प्रकार, वह इकाई जो समान विचारधारा वाले संभावित निवेशकों से धन इकट्ठा करती है उसे न्यास कहते हैं और इसका प्रबंधन पेशेवरों की टीम द्वारा किया जाता है और कहाँ, कैसे और क्या निवेश करना है, इसका निर्णय निधि प्रबंधक द्वारा लिया जाता है। इस प्रकार से निधि प्रबंधक और उसकी टीम पूंजी की प्रकृति के आधार पर विशिष्ट कंपनियों या उत्पादों/वित्तीय साधनों में निवेश करने का निर्णय लेते हैं जैसे इक्विटी, बांड्स, मुद्रा बाजार के साधनों और/या दूसरी प्रतिभूतियों में निवेश करने का अधिकार पत्र।

प्रत्येक निवेशक के पास इकाइयाँ होती है जो निधि के स्वामित्व के एक हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है।

निवेशक पारस्परिक निधि में कैसे निवेश करता है ?

पारस्परिक निधि की इकाइयाँ खरीदने/आवेदन करने के लिए निवेशक को संबंधित प्रपत्र भरने के साथ सारे के.वाय.सी. दस्तावेज संलग्न करने की जरूरत होती है। पारस्परिक निधि की इकाइयों को अकेले या संयुक्त रूप से (अधिकतम तीन आवेदक) किसी एक या उत्तरजीवी या संयुक्त आधार (निवेश का तरीका) पर खरीदा जा सकता है। इकाइयों को हिन्दू अविभाजित परिवार के कर्ता के तौर पर भी रखा/उनमें निवेश किया जा सकता है। नामांकन सुविधा भी उपलब्ध है।

पारस्परिक निधि को भौतिक रूप से या डिपॉज़िटरी के माध्यम से रखा जा सकता है। कृपया ध्यान दें कि मृत्यु होने की दशा में निवेशक को संबंधित पारस्परिक निधि को और डिपॉज़िटरी को व्यक्तिगत रूप से धारक की मृत्यु के बारे में सूचित करना चाहिए।

पारस्परिक निधि के मामले में नामांकन

नामांकित व्यक्ति केवल एक न्यासी होता है, जो परिसमापन होने पर पारस्परिक निधि की आय को पारस्परिक निधि धारक के कानूनी उत्तराधिकारियों को सौंपता है।

किसी भी तरह के स्वामित्व ढांचा (एकल, संयुक्त, कर्ता हि.अ.प. आदि) होने पर भी एक आवेदक इकाइयाँ के लिए आवेदन करते (खरीदते) वक्त नामांकन दर्ज कर सकता है। अगर नामांकित व्यक्ति अवयस्क है तो नामांकन में एक संरक्षक की ज़रूरत  होती है जिसके नाम को पारस्परिक निधि में पंजीकृत कर सकता है। एक फोलियो में एकाधिक नामांकन भी संभव है। एक निवेशक प्रत्येक नामांकन के लिए इकाइयों के विशिष्ट प्रतिशत के साथ प्रति फोलियो अधिकतम तीन नामांकन का उल्लेख कर सकता है। नामांकन को किसी भी समय पंजीकृत (नया) या बदला जा सकता है और/या रद्द भी किया जा सकता है जिसके लिए पारस्परिक निधि के समक्ष मानक प्रपत्र प्रस्तुत करना पड़ता है।

क्या अकेले व्यक्ति द्वारा धारित मौजूदा पारस्परिक निधि निवेश में एक संयुक्त धारक को जोड़ा जा सकता है ?

नहीं, यह संभव नहीं है। फंड्स के द्वारा स्वामित्व में बदलाव की अनुमति नहीं दी जाती; अकेले धारक के मामले में जोड़ना और जीवित संयुक्त धारक को हटाना।

हालांकि, संयुक्त धारक की मृत्यु होने पर मृतक का नाम हटा दिया जाता है और फिर वह स्वामित्व, एकल स्वामित्व में परिवर्तित हो जाता है। यद्यपि, इसके लिए जरूरी प्रपत्रों को भरना पड़ता है।

क्या निवेश संचालन के तरीके को ‘संयुक्त’ से ‘कोई एक या उत्तरजीवी’ में परिवर्तित करना संभव है ? 

हाँ, चूंकि यह धारकों के बीच की प्रशासनात्मक कार्रवाई है तो सारे धारकों की सहमति से इसे संशोधित/बदला जा सकता है। संयुक्त धारकों के स्वामित्व वाली इकाइयों के मामले में, ‘संयुक्त’ से ‘कोई एक’ या ‘उत्तरजीवी’ या इसके उलटे क्रम में परिवर्तित करने का प्रशासनिक पहलू संभव है। हालांकि इसके लिए आवश्यक प्रपत्र को भरना ज़रूरी है।

इकाई धारक की मृत्यु होने की दशा में, संपत्ति प्रबंधन कंपनी के समाधान के लिए दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत करने पर नामांकित व्यक्ति या कानूनी उत्तराधिकारी, किसी भी समय मृतक इकाई धारक को देय निवेश का मोचन कर सकते हैं।

हालांकि, इक्विटी बद्ध बचत योजना (इ.ब.ब.यो.)के मामले में इकाई धारक की मृत्यु होने की दशा में नामांकित व्यक्ति या कानूनी उत्तराधिकारी, जैसी भी स्थिति हो (संपत्ति प्रबंधन कंपनी के समाधान के लिए दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत करने पर), मृतक इकाई धारक को इकाई आवंटित होने के दिनांक से एक वर्ष के समापन तक या इसके पश्चात किसी भी समय पर निवेश का मोचन कर सकेंगे (यद्यपि तीन साल निश्चित अवरुद्धता अवधि है)। निश्चित अवरुद्धता अवधि के संबंध में इ.ब.ब.यो. के दिशानिर्देशों में संशोधन की स्थिति में न्यासी के पास, समय-समय पर निश्चित अवरुद्धता अवधि को प्रत्याशित प्रभाव से बदलने का अधिकार है।

संपत्ति प्रबंधन कंपनियों की इकाइयों के हस्तांतरण के लिए समान प्रक्रिया है। हालांकि, अलग-अलग संपत्ति प्रबंधन कंपनियों में आवश्यक प्रारूपों या दस्तावेजों में थोड़ी भिन्नता हो सकती है लेकिन व्यापक रूप से प्रक्रिया एक जैसी ही है।

हस्तांतरण की मूल प्रक्रिया 

नामांकित व्यक्ति या कानूनी उत्तराधिकारी को संपत्ति प्रबंधन कंपनी (सं.प्र.कं)के समाधान के लिए आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ते हैं और इसके साथ ही दस्ती सुपुर्दगी या डाक के द्वारा इकाइयों के हस्तांतरण का निवेदन करता पत्र, संपत्ति प्रबंधन कंपनी के ग्राहक सेवा केंद्र को भेजना पड़ता है। अगर मृतक ने कई पारस्परिक निधि योजनाओं में निवेश किया हुआ था तो प्रत्येक पारस्परिक निधि को अलग-अलग संपर्क करना होगा।

जब अकेले धारक की मृत्यु होती है और नामांकन पंजीकृत किया हुआ हो 

शोकग्रस्त परिवार या उत्तराधिकारी या नामांकित व्यक्ति को पारस्परिक निधि के समक्ष निम्नलिखित दस्तावेज जमा करने की जरूरत होती हैः

ऽ        नामांकित व्यक्ति द्वारा सं.प्र.कं./पारस्परिक निधि को लिखा गया पत्र जिसमें इकाइयों का हस्तांतरण उसके पक्ष में करने का निवेदन हो।

ऽ        मृत्यु प्रमाणपत्र की नोटरकृत प्रति के साथ आवेदन (निर्दिष्ट प्रारूप में) जमा करना

ऽ        नामांकित व्यक्ति का पहचान प्रमाणपत्र (पासपोर्ट, राशन कार्ड, ड्रायविंग लायसेंस आदि)

ऽ        निर्दिष्ट प्रारूप के अनुसार नए पहले इकाई धारक के बैंक खाते का विवरण और एक रद्द चेक

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