April 15, 2020

प्रक्रिया – जीवन बीमा दावा

by inheritance in hindi
प्रक्रिया – जीवन बीमा दावा

प्रक्रिया – जीवन बीमा दावा


जीवन बीमा मृत्यु दावा करने के लिए सही पद्धति जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मृत्यु दावे की सामान्य प्रक्रिया

मृत्यु दावे को पंजीकृत करें

पॉलिसी धारक की मृत्यु होने पर नामांकित व्यक्ति या परिजनों, परिवार, आश्रितों, न्यासियों, वसीयत के निष्पादकों, अभिभावकों, हितधारकों (वसीयत होने की सूरत में) बीमा कंपनी (जिसने पॉलिसी जारी की थी) के कार्यालय में नामांकित व्यक्ति द्वारा लिखित आवेदन के साथ संपर्क करना चाहिए और साथ में निम्नलिखित प्रसंगोचित दस्तावेजों को संलग्न करना चाहिएः

  • मृत्यु दावा प्रपत्र (बीमा कंपनी या उसकी शाखा/कार्यालय की संबंधित वेबसाइट पर उपलब्ध)
  • मूल पॉलिसी/ दस्तावेज
  • नगर निगम/नगर परिषद या स्थानीय कानून के अनुसार प्राधिकारी (अगर भारत के बाहर मृत्यु हुई हो) द्वारा जारी मृत्यु प्रमाणपत्र की मूल/सत्यापित प्रति
  • नामांकित व्यक्ति के फोटो पहचान पत्र और आवासीय प्रमाण की सत्यापित प्रति के साथ ही अन्य के.वाय.सी. दस्तावेज
  • मृत्यु के समय के चिकित्सा रिकार्ड और बीमाकृत व्यक्ति की पिछली बीमारियों से संबंधित दस्तावेज
  • नामांकित व्यक्ति के बैंक खाते का रद्द चेक (जिसमें आई.एफ.एस.सी. कोड, नामांकित व्यक्ति का नाम आदि लिखा हुआ हो)

कार्यालय में लिखित सूचना और दस्तावेज प्राप्त होने के दिनांक पर पावती और संदर्भ क्रमांक के माध्यम से मृत्यु दावा पंजीकृत हो जाता है।

दावा शुरू होने की कार्यवाही शुरू हो जाती है और दावे का समर्थन करने के लिए समय-समय पर समुचित और आवश्यक जानकारी मांगी जा सकती है और इसके साथ ही प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न होने वाली आवश्यक बातों का अनुपालन करें।

अगर प्रस्तुत किए गए दस्तावेज व्यवस्थित हैं और विभाग इनसे संतुष्ट है तो दावा स्वीकार कर लिया जाता है और इसका निपटान करने के लिए कदम उठाए जाते हैं। इलेक्ट्रोनिक निधि हस्तांतरण के माध्यम से नामांकित व्यक्ति द्वारा निर्दिष्ट बैंक खाते में दावे की रकम भेज दी जाती है। कुछ मामलों में, नामांकित व्यक्ति के पते पर एक बैंकर्स चेक भी जारी किया जाता है।

जीवन बीमा निगम द्वारा जारी पॉलिसीज के दावेदारों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले दावों के मामलों में

पहला चरणः बीमाकृत व्यक्ति की मृत्यु के विषय में अभिकर्ता/कार्यालय को सूचित करना

दूसरा चरणः दस्तावेज तैयार करें – दावों के दो मामले – अर्ली (पॉलिसी प्रारंभ होने के तीन साल के भीतर बीमाकृत व्यक्ति की मृत्यु होने पर) और नॉन-अर्ली (पॉलिसी प्रारंभ होने के तीन साल बाद बीमाकृत व्यक्ति की मृत्यु होने पर)

 

नॉन-अर्ली मृत्यु के दावों के लिए दस्तावेजअर्ली दावों (Death within 3 years of Policy starting)
मृत्यु की सूचना देता पत्रमृतक की आखिरी बीमारी के समय उसके चिकित्सा परिचर द्वारा बनाया गया चिकित्सा परिचर का प्रमाणपत्र
मृतक के साथ दावेदार का संबंधअगर बीमाकृत व्यक्ति ने अस्पताल में इलाज कराया हो तो उस इलाज का विवरण
मृतक और दावेदार का विवरण देता दावेदार का कथनजाने-पहचाने चरित्र वाले और जिम्मेदार व्यक्ति द्वारा बनाया और हस्ताक्षरित पहचान प्रमाणपत्र और दफनाने या शवदाह का प्रमाणपत्र
नामांकित व्यक्ति द्वारा विधिवत निष्पादित डिस्चार्ज फार्मअगर बीमाकृत व्यक्ति नौकरी करता था तो उसके नियोक्ता का प्रमाणपत्र
एन.ई.एफ.टी. अधिकृत फार्मअगर दुर्घटना या अप्राकृतिक कारण से मृत्यु हुई हो तो प्रथम सूचना रिपोर्ट, शवपरीक्षा रिपोर्ट और पूलिस जांच रिपोर्ट की प्रमाणित प्रतियाँ। ज्यादातर आकस्मिक मृत्यु के दावों में बीमाकर्ता को दुर्घटना, शवपरीक्षा और विषज्ञान की रिपोर्ट्स की भी जरूरत होती है।
मृत्यु रजिस्टर से प्रमाणित निष्कर्ष 
आयु प्रमाणपत्र 
अगर एम.डब्ल्यू.पी. अधिनियम के तहत पॉलिसी नामांकित, अभिहस्तांकित या जारी न की गई हो तो मृतक की संपदा पर अधिकार का प्रमाण 
मूल पॉलिसी का दस्तावेज 

(स्त्रोतः https://www.licindia.in)

  1. पॉलिसी में नामांकन के न होने की सूरत में (आमतौर पर पूर्व में जारी की गई पाँलिसियों के मामले में प्रभावी), जीवन बीमा निगम की शाखा/कार्यालय से प्राप्त या जीवन बीमा निगम की वेबसाइट पर उपलब्ध निदिष्ट प्रपत्र (प्रपत्र क्रं 3806) पर नामांकित व्यक्तियों के नाम के साथ आवेदन करना आवश्यक होता है।

पिछले कुछ सालों से जीवन बीमा निगम ने सारी पॉलिसीज में नामांकित व्यक्ति का उल्लेख करना अनिवार्य कर दिया है (प्रस्ताव चरण से ही)।

अगर नामांकित व्यक्ति को पहले से निर्दिष्ट/उल्लेख न किया गया हो तो उत्तराधिकारियों की सूची के साथ एक आवेदन जमा करना होता है।

रूपये 2,50,000 तक के दावों का निपटान बिना उत्तराधिकार प्रमाणपत्र के किया जा सकता है।

  1. दुर्घटना, आत्महत्या आदि की वजह से पॉलिसी धारक की अप्राकृतिक मृत्यु होने की दशा में बीमाकर्ता को प्रकरण की प्रकृति के आधार पर मानक दस्तावेजों के अलावा कुछ अतिरिक्त विवरण की आवश्यकता हो सकती है।

जीवन बीमा कार्यालय/शाखा/जीवन बीमा निगम के अफसरों आदि के समक्ष जमा किए दस्तावेजों की अभिस्वीकृति होनी चाहिए और भविष्य में संदर्भ के लिए सारे दस्तावेजों की प्रतियाँ संभाल कर रखनी चाहिए।

विशेष परिस्थितियाँ – पॉलिसी दस्तावेज खो जाना – जीवन बीमा निगम

दावा करते वक्त पॉलिसी दस्तावेज का साथ होना आवश्यक है लेकिन खो जाने, चोरी होने, क्षति या नष्ट होने की दशा में नामांकित व्यक्ति, बीमाकृत व्यक्ति के परिजन/हितधारक/निष्पादक/न्यासी/अभिभावक आदि को बीमाकर्ता कंपनी की संबंधित शाखा या विभागीय कार्यालय को सूचित करना चाहिए और जब पॉलिसी  सर्विस्ड हो तो उसकी अनुपलब्धता की सूचना देकर उसकी अनुलिपि के लिए आवेदन किया जाना चाहिए।

परिस्थिति का आंकलन करके प्रामाणिकता की पुष्टि करने के बाद पॉलिसी दस्तावेज की अनुलिपि जारी की जाती है जिसके लिए निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिएः

अ.   पॉलिसी धारक की मृत्यु होने पर अनुलिपि (CHECK it should be PRATI LIPI) ( Replace  अनुलिपि wth PRATI LIPI)  पॉलिसी – जीवन बीमा निगम

अनुलिपि पॉलिसी प्राप्त करने के लिए पॉलिसी धारक के परिजन/उत्तराधिकारी/हिताधिकारी/निष्पादक को बीमा कंपनी के शाखा कार्यालय में निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगेः-

  • विधिवत रूप से भरी ‘पॉलिसी खोने पर भरी जाने वाली प्रश्नावली’ (फॉर्म नं 311)
  • अमुद्रांकित क्षतिपूर्ति पत्रः अगर दावा रूपये 50000 से कम का हो तो किसी भी जमानतदार की जरूरत नहीं है
  • विधिवत रूप से भरा हुआ डिस्चार्ज प्रपत्र
  • ‘कोई अभिहस्तांकन नहीं’ का घोषणा प्रपत्र
  • रूपये 50000 से ज्यादा के दावों के लिए सुदृढ़ आर्थिक स्थिति वाले जमानतदार द्वारा प्रपत्र क्रं 3807 में घोषणा
  • दावेदार के के.वाय.सी. दस्तावेज जमा करनाः
  • वैध फोटो पहचान पत्रः पासपोर्ट, पेन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्रायविंग लायसेंस, सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र
  • वैध आवास प्रमाणः टेलिफोन बिल, बैंक विवरण, बिजली का बिल, राशन कार्ड, किराए की रसीद के साथ पट्टा
  • जीवन बीमाकृत व्यक्ति के आवास प्रमाण जमा करना

(कृपया ध्यान दें कि प्रपत्र पर 500 रूपये फ्रैंक (पत्र आदि पर टिकट लगाना कि भुगतान कर दिया गया है) किया जाना चाहिए और प्रपत्र भरने के बाद दावेदार के लिए उस प्रपत्र को नोटरीकृत भी करना जरूरी होता है।

ब.   दूसरे मामलों में अनुलिपि पॉलिसी – जीवन बीमा निगम

अनुलिपि पॉलिसी प्राप्त करने के लिए पॉलिसी धारक को बीमा कंपनी के शाखा कार्यालय में निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगेः-

  • पॉलिसी धारक द्वारा, स्थानीय कानून के अनुसार लागू उचित मूल्य के स्टाम्प पेपर पर विधिवत रूप से मुद्रांकित और निष्पादित क्षतिपूर्ति बंध-पत्र (प्रपत्र क्रं 3756)
  • अगर पॉलिसी 50,000 रूपये से ज्यादा की बीमा राशि से संबंधित है तो बीमाकर्ता के समक्ष स्वीकार्य सुदृढ़ आर्थिक स्थिति वाले जमानतदार, द्वारा प्रपत्र क्रं 3807 में घोषणा
  • के.वाय.सी. दस्तावेज
  • वैध फोटो पहचान पत्रः पासपोर्ट, पेन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्रायविंग लायसेंस, सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र
  • वैध आवास प्रमाणः टेलिफोन बिल, बैंक विवरण, बिजली का बिल, राशन कार्ड, किराए की रसीद के साथ पट्टा
  • अनुलिपि पॉलिसी जारी करने के लिए शुल्क भरें
  • मौजूदा दरों पर मुद्रांक शुल्क भरें

अगर पॉलिसी प्रमाणपत्र/ कवर नोट प्राकृतिक कारणों जैसे आग, बाढ़ इत्यादि के वजह से आंशिक रूप से नष्ट हो जाए तो अनुलिपि पॉलिसी के लिए आवेदन करते वक्त बचा हुआ हिस्सा (कटा-फटा या अन्यथा), पॉलिसी खो जाने के प्रमाण के रूप में बीमाकर्ता को वापस दिया जा सकता है।

अनुलिपि पॉलिसी में, अभिहस्तांकन, बंधक आदि के मामलों में पिछली/मूल पॉलिसी की सारी विशेषताएँ और नोटिंग्स रहेंगी। जहाँ पॉलिसी 3 साल के भीतर परिपक्व होने वाली हो या उत्तरजीविता लाभ के लिए देय हो और अगर बीमे की रकम 25,000 रूपये से ज्यादा हो तो व्यापक प्रसार वाले स्थानीय दैनिक अखबार में विज्ञापन देना अनिवार्य है।

निजी जीवन बीमा कंपनियों द्वारा अपेक्षित दस्तावेज

निजी जीवन बीमा कंपनियों को जमा किए जाने वाले दस्तावेज

दस्तावेजएगन लाइफ इंश्योरेंस कंपनीअविवा इंडियाबजाज अलायंज लाइफ इंश्योरेंसबिरला सनलाइफ इंश्योरेंस कंपनी लि.एच.डी.एफ.सी. स्टेंडर्ड लाइफ इश्योरेंसआई.सी.आई.सी.आई. प्रुडेंशियल लाइफ इश्योरेंसआई.डी.बी.आई फेडरल लाइफ इश्योरेंस
मृत्यु दावा सूचना प्रपत्रहाँहाँहाँहाँहाँहाँहाँ
नगर निगम या समकक्ष प्राधिकरण द्वारा जारी मूल मृत्यु प्रमाणपत्र (स्व-सत्यापित)हाँहाँहाँहाँहाँहाँहाँ
दावेदार की तस्वीर, मौजूदा पते का प्रमाण और फोटो पहचान प्रमाणपत्रहाँहाँहाँहाँहाँहाँहाँ
सहायक दस्तावेज
दावेदार की बैंक पासबुक प्रति/ स्टेटमेंट के साथ बैंक खाते का विवरण/ रद्द चेकहाँहाँहाँहाँहाँहाँहाँ
मृत्यु का कारण दर्शाता चिकित्सा प्रमाणपत्रहाँहाँहाँहाँहाँहाँहाँ
चिकित्सा रिकार्ड (परामर्श नोट्स, उपचार रिकार्ड, दाखिले के नोट्स, मरीज से सबंधित अस्पताल के आंतरिक कागज-पत्र, डिस्चार्ज/मृत्यु का संक्षिप्त विवरण, जांच रिपोर्ट आदि)हाँहाँहाँहाँहाँहाँहाँ
चिकित्सा प्रश्नावलीहाँहाँहाँहाँहाँहाँहाँ
प्रमाणित प्रथम सूचना रिपोर्ट की प्रति/कानूनी जांच/ चिकित्सक कानूनी वजह/पंचनामा (स्थानीय भाषा के मामले में अनुवाद अनिवार्य है)(अगर मृत्यु आकस्मिक या आत्महत्या है)
हाँहाँहाँहाँहाँहाँहाँ
चिकित्सा रिकार्ड्स की प्रति (दाखिले के नोट्स/मृत्यु सारांश/ परीक्षण सारांश आदिहाँहाँहाँहाँहाँहाँहाँ
अखबार की कतरन/दुर्घटना की तस्वीरें  हाँ    
प्रमाणित शव परीक्षण की प्रति/रासायनिक विश्लेषण रिपोर्ट (अंतड़ियाँ)(अगर आकस्मिक या आत्महत्या हो)
हाँहाँहाँहाँहाँहाँहाँ
अगर बीमाकृत व्यक्ति दुर्घटना के समय गाड़ी चला रहा था तो उसका ड्रायविंग लायसेंस(अगर सड़क दुर्घटना की वजह से मृत्यु हो)
हाँहाँहाँहाँहाँहाँहाँ
उपयुक्त निपटान विकल्प प्रपत्र       

(स्त्रोतः कंपनी की वैयक्तिक वेबसाइट्स)

 

दस्तावेजएस.बी.आई. लाइफ इश्योरेंस कंपनीकोटक लाइफ इश्योरेंस कंपनीपी.एन.बी. मेटलाइफ इंडिया इश्योरेंस कंपनीरिलायंस लाइफ इश्योरेंसटाटा ए.आई.जी. इश्योरेंस
मृत्यु दावा सूचना प्रपत्रहाँहाँहाँहाँहाँ
नगर निगम या समकक्ष प्राधिकरण द्वारा जारी मूल मृत्यु प्रमाणपत्र (स्व-सत्यापित)हाँहाँहाँहाँहाँ
दावेदार की तस्वीर, मौजूदा पते का प्रमाण और फोटो पहचान प्रमाणपत्रहाँहाँहाँहाँहाँ
दावेदार की बैंक पासबुक प्रति/ स्टेटमेंट के साथ बैंक खाते का विवरण/ रद्द चेकहाँहाँहाँहाँहाँ
मृत्यु का कारण दर्शाता चिकित्सा प्रमाणपत्रहाँहाँहाँहाँहाँ
चिकित्सा रिकार्ड (परामर्श नोट्स, उपचार रिकार्ड, दाखिले के नोट्स, मरीज से सबंधित अस्पताल के आंतरिक कागज-पत्र, डिस्चार्ज/मृत्यु का संक्षिप्त विवरण, जांच रिपोर्ट्स आदि)हाँहाँहाँहाँहाँ
चिकित्सा प्रश्नावलीहाँहाँहाँहाँहाँ
प्रमाणित प्रथम सूचना रिपोर्ट की प्रति/कानूनी जांच/ चिकित्सक कानूनी वजह/पंचनामा (स्थानीय भाषा के मामले में अनुवाद अनिवार्य है) हाँहाँहाँहाँ
चिकित्सा रिकार्ड्स की प्रति (दाखिले के नोट्स/मृत्यु सारांश/ परीक्षण सारांश आदि)हाँहाँहाँहाँहाँ
अखबार की कतरन/दुर्घटना की तस्वीरें हाँहाँहाँहाँ
प्रमाणित शव परीक्षण की प्रति/रासायनिक विश्लेषण रिपोर्ट (अंतड़ियाँ) हाँहाँहाँहाँ
अगर बीमाकृत व्यक्ति दुर्घटना के समय गाड़ी चला रहा था तो उसका ड्रायविंग लायसेंस हाँहाँहाँहाँ
उपयुक्त निपटान विकल्प प्रपत्र     

(स्त्रोतः कंपनी की वैयक्तिक वेबसाइट्स)

मृत्यु दावेः विशिष्ट मामलों में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

  • अगर नामांकित व्यक्ति पॉलिसी धारक की भूतपूर्व बीवी हो जिसका पॉलिसी धारक की मृत्यु के दिनांक के पहले ही उससे तलाक हो चुका हो तो बीमा कंपनी दावे का निपटान किसके साथ करेगी ?

इस तरह के मामले में, तलाक के समझौते की शर्तें अभिभावी होंगे, तो अगर पॉलिसी धारक की परिसंपत्तियों के हिस्से के रूप में जीवन बीमा पॉलिसी का कोई उल्लेख न किया गया हो तो बीमा कंपनी भूतपूर्व बीवी के सिवाय पॉलिसी धारक के कानूनी उत्तराधिकारियों/वारिसों के साथ दावे का निपटान करेगी।

  • अगर नामांकित व्यक्ति की मृत्यु पॉलिसी धारक के पहले या पॉलिसी धारक के साथ हो जाए, तो क्या होता है ?

अगर नामांकित व्यक्ति की मृत्यु पॉलिसी धारक के पहले हो जाती है तो पॉलिसी धारक को बीमा कंपनी को सूचित करना चाहिए और नामांकित व्यक्ति बदलने के लिए या नामांकित व्यक्ति को प्रतिस्थापित करने के लिए आवश्यक प्रारूप में आवेदन करना चाहिए। हालांकि, अगर नामांकित व्यक्ति की मृत्यु भी पॉलिसी धारक के साथ हुई हो तो बीमा कंपनी, अगले कानूनी उत्तराधिकारी/वारिस के साथ दावे का निपटान करेगी। इसके लिए दावेदार को बीमा कंपनी के समाधान के लिए सारे आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

  • जीवन बीमा कंपनी, किसी दावे को कब खारिज कर सकती है ?

अगर दावा प्रामाणिक है और उसके साथ सारे वैध और आवश्यक दस्तावेज संलग्न हैं  तो बीमा कंपनी दावे को खारिज नहीं कर सकती। हालांकि, अगर जीवन बीमा कंपनी इस निष्कर्ष पर पहुंचती है कि दावा प्रामाणिक नहीं है और फर्जी है तो दावा खारिज हो सकता है।

  • अगर बीमा पॉलिसी में दो नामांकित व्यक्तियों को अलग-अलग अनुपात में हिस्सा दिया गया है और दावे की प्रक्रिया के दौरान, कोई एक नामांकित व्यक्ति दावे पर हस्ताक्षर करने से मना कर दे तो बीमा कंपनी दावे का निपटान किस तरह से करेगी ?

दावे की राशि का भुगतान करने के लिए बीमा कंपनी को सभी जीवित नामांकित व्यक्तियों के हस्ताक्षर की आवश्यकता होती है। दावे का आंशिक निपटान करना संभव नहीं है।

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